जब 41वीं बटालियन की रानीडांगा स्थित सी कंपनी की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम ने पानीटंकी के ओल्ड ब्रिज पर एक 14 वर्षीय लड़की, चाँदनी ठाकुर, को सीमा पार करते हुए रोका। लड़की के साथ 18 वर्षीय युवक अमन रज़ा भी मौजूद था।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से आपसी रिश्ते में हैं और नई दिल्ली जाकर शादी करने की योजना बना रहे थे। परंतु लड़की की अल्पवयस्कता को देखते हुए, यह मामला गंभीर हो गया। SSB की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत दोनों के परिवारजनों को सूचित किया।
पता चला कि लड़की के परिजनों ने नेपाल पुलिस में पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, NGO प्रतिनिधियों की उपस्थिति में दोनों को नेपाली पुलिस को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई न केवल सीमा सुरक्षा बलों की सजगता को दर्शाती है,
बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। ऐसे प्रयासों से सीमा क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने में सहायता मिलती है और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है।
