बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण जंगलों से कई वन्यजीव बहकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। इसी दौरान यह कछुआ भी नदी के तेज बहाव के साथ बहकर बाबूपाड़ा इलाके में आ गया। बाद में पानी उतरने पर स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी और उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही टिकुरिया झाड़ वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और कछुए को अपने संरक्षण में ले लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कछुए का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास, यानी गहरे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
स्थानीय परिवार की जागरूकता और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता की वन विभाग ने सराहना की। वहीं, वनकर्मियों ने लोगों से अपील की कि यदि कोई वन्यजीव रिहायशी इलाके में दिखाई दे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा संदेश देते हैं।
