सिक्किम में सुरंग हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, सुरंग में फंसे शेष 12 श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
सोमवार दोपहर 1:04 बजे दक्षिण सिक्किम के समरदुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन हेड रेस टनल (Head Race Tunnel) में अचानक संदिग्ध मीथेन गैस निकलने से विस्फोट हुआ, जिसके कारण सुरंग ढह गई। इस दुर्घटना में कुल 25 श्रमिक सुरंग के भीतर फंस गए थे।
एनएचपीसी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), एनएचपीसी, पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से चौबीसों घंटे बचाव कार्य जारी है।
बयान के अनुसार, 25 फंसे हुए कर्मियों में से अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं। शेष कर्मियों का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और सभी एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों की निगरानी एवं समन्वय कर रहे हैं। कंपनी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा की है।
एनएचपीसी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
वहीं, सिक्किम सरकार ने बताया कि सुरंग के भीतर बड़ी मात्रा में कीचड़ और पानी भर जाने के कारण बचाव कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। इसके बावजूद, अत्यंत कठिन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव दल लगातार तलाशी और शवों की बरामदगी का अभियान चला रहे हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस हादसे और चल रहे बचाव अभियान की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी है। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
