इस आयोजन का उद्देश्य सीमा क्षेत्र के ग्रामीण नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण, राष्ट्रप्रेम एवं सांस्कृतिक एकता की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत “वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव” से हुई, जिसमें बल के अधिकारी, जवान एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सामूहिक “वन्दे मातरम्” गायन के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के ऐतिहासिक महत्व एवं उसकी प्रेरणादायक भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत, डॉ. संजय चौधरी द्वारा “स्वस्थ भारत माता शपथ” के तहत उपस्थित नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी शपथ दिलाई गई।
आयोजित मानव चिकित्सा शिविर में सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों की टीम ने सामान्य, त्वचा एवं रक्तचाप संबंधी रोगों के लिए निःशुल्क परामर्श व दवाओं का वितरण किया।
इस चिकित्सा शिविर से कुल 211 सीमावर्ती ग्रामीण लाभान्वित हुए। यह आयोजन न केवल जनकल्याण एवं राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक रहा, बल्कि इससे सीमा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल की सेवा भावना, जन-संपर्क एवं राष्ट्र समर्पण की छवि और भी सुदृढ़ हुई।
