यह प्रशिक्षण देशबंधु व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थान, सिलीगुड़ी द्वारा गांव में ही संचालित किया गया, ताकि ग्रामीण युवा बिना कहीं गए सुविधाजनक रूप से डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
समापन समारोह की अध्यक्षता श्री योगेश कुमार सैनी, द्वितीय कमान अधिकारी (SSB) द्वारा की गई। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि SSB द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती युवाओं—विशेषकर जरूरतमंद वर्ग—को स्वावलंबी, सक्षम और रोजगारोन्मुख बनाना है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि प्रशिक्षण के बाद भी निरंतर अभ्यास जारी रखें और SSB के मानव संसाधन विकास कार्यक्रमों को सफल बनाने में साझेदार बनें।
समारोह में युवाओं को कोर्स से संबंधित प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
देशबंधु व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र की सचिव श्रीमती अर्पिता बरुआ ने प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार अवसरों पर विस्तृत चर्चा करते हुए युवाओं का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षुओं ने कोर्स को अत्यंत उपयोगी बताते हुए उत्साहपूर्वक सकारात्मक फीडबैक दिया।
स्थानीय प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने SSB के इस प्रयास की खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में निरीक्षक दीपक शर्मा, ‘डी’ समवाय प्रभारी मदनजोत, श्री गोकुल नेउपाने (अध्यक्ष), राजकुमार राय (उपाध्यक्ष), हेमलाल छेत्री (सचिव) तथा समन्वयक मीन कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
SSB की बहुमुखी भूमिका
दार्जिलिंग व किशनगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ 41वीं वाहिनी SSB सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत भी लगातार सराहनीय कार्य कर रही है। सीमावर्ती गांवों में नियमित रूप से
बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ
स्वच्छ भारत अभियान
नशा मुक्त भारत
विभिन्न सरकारी योजनाओं पर जागरूकता
नि:शुल्क चिकित्सा शिविर
नि:शुल्क पशु चिकित्सा शिविर
तथा विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण
जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अक्टूबर से नवंबर 2025 के बीच हुए कौशल विकास कार्यक्रमों में—
कोकराजोत में 30 युवतियों हेतु ब्यूटीशियन प्रशिक्षण
कादोमनीजोत में 20 युवाओं हेतु ड्राइविंग प्रशिक्षण
भातगांव में 30 महिलाओं हेतु टेलरिंग प्रशिक्षण
निहालजोत में 30 युवाओं हेतु बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण
का सफल संचालन किया गया है।
