पानीटंकी बॉर्डर पर नाबालिग लड़की को रेस्क्यू, एक युवक हिरासत में; मानव तस्करी की आशंका में जांच शुरू
पानीटंकी/खोरीबाड़ी, 9 अगस्त: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पानीटंकी में नियमित जांच के दौरान एक नाबालिग लड़की को रेस्क्यू कर एक वयस्क युवक को हिरासत में लिया गया है। मामले में मानव तस्करी की आशंका जताई गई है। संयुक्त पूछताछ के बाद नाबालिग लड़की, हिरासत में लिए गए युवक, वाहन, मोबाइल फोन और नकद राशि को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को शाम करीब 5 बजे पानीटंकी के न्यू ब्रिज इलाके में नियमित जांच के दौरान BIT कर्मियों ने भारत से नेपाल की ओर जा रही एक सफेद Swift Dzire (WB74-AT5577) को रोका। वाहन की जांच के दौरान उसमें एक नाबालिग लड़की और एक 32 वर्षीय युवक सवार मिले।
पूछताछ के दौरान नाबालिग के व्यवहार और दोनों के जवाबों में संदिग्धता पाए जाने पर BIT कर्मियों को मामले में कुछ असामान्य होने का संदेह हुआ। इसके बाद दोनों से विस्तृत पूछताछ की गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला संभावित मानव तस्करी से जुड़ा होने की आशंका के चलते संयुक्त पूछताछ के लिए आगे बढ़ाया गया।
मामले की जानकारी Kosi Lok Manch NGO और AHTU, SHQ SSB Ranidanga को भी दी गई। संयुक्त पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि नाबालिग लड़की की पहचान एक व्यक्ति ‘Mon’ के माध्यम से आरोपी युवक से हुई थी। आरोप है कि नेपाल में इवेंट से जुड़े काम का अवसर देने की बात कहकर उसकी आवाजाही की व्यवस्था की गई थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह कथित तौर पर देह व्यापार के लिए ले जाने की योजना का हिस्सा हो सकता है।
जांच के दौरान मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में आरोपी युवक और ‘Mon’ नामक व्यक्ति के बीच बार-बार संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, मामले के अन्य पहलुओं की पुष्टि पुलिस की आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस को सौंपे गए सामान
प्रारंभिक संयुक्त पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने के बाद नाबालिग लड़की, हिरासत में लिया गया वयस्क युवक, Swift Dzire वाहन (WB74-AT5577), एक मोबाइल फोन और ₹4,500 नकद को आगे की जांच एवं कानूनी कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
मामले में POCSO Act, 2012, BNS, 2023, ITPA, 1956 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को नेपाल ले जाने की वास्तविक वजह क्या थी, ‘Mon’ नामक व्यक्ति की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है और क्या इसके पीछे कोई संगठित मानव तस्करी गिरोह सक्रिय है।
नोट: नाबालिग की सुरक्षा और कानून के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
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