समाज निर्माण में प्रबुद्ध नागरिकों की केंद्रीय भूमिका
अपने संबोधन में डॉ. भागवत ने कहा कि स्वस्थ और समृद्ध समाज के लिए सज्जन शक्तियों का परस्पर पूरक बनकर एक साझा दिशा में कार्य करना आवश्यक है। समाज के साथ जीवंत संबंध रखने वाले व्यक्तियों के माध्यम से ही चरित्र निर्माण संभव होता है।
उन्होंने परिवार की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को अपनी कुल-परंपराओं, समयानुकूल रीति-रिवाजों और देशहित में सहायक आचरणों का नियमित अभ्यास करना चाहिए। परिवार का अस्तित्व और सुरक्षा समाज से जुड़ी है—इस बोध के साथ समाज की समृद्धि के लिए समय और सामर्थ्य के अनुसार योगदान देना आवश्यक है।
संघ को लेकर प्रचलित भ्रमों का निराकरण
संघ के प्रति प्रचलित धारणाओं का उल्लेख करते हुए सरसंघचालक ने स्पष्ट किया कि संघ को किसी पारंपरिक संगठनात्मक ढांचे में बांधकर नहीं समझा जा सकता, क्योंकि संघ जैसा संगठन और कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना न तो किसी के विरोध में हुई थी और न ही अपने लिए कुछ प्राप्त करने के उद्देश्य से। समाज के सभी वर्गों में निःस्वार्थ सेवा की भावना का विकास करना और प्रसिद्धि से दूर रहकर समाजसेवा में लगे लोगों के बीच समन्वय स्थापित करना ही संघ का मूल लक्ष्य है।
‘पंच परिवर्तन’ और शताब्दी कार्यक्रम का संदेश
डॉ. भागवत ने कहा कि विश्व के प्रत्येक समृद्ध देश में आर्थिक उन्नति से पहले सामाजिक जागरण और एकात्मता का इतिहास रहा है। इसी अनुभव के आधार पर संघ व्यक्ति और समाज में आचरणगत परिवर्तन पर विशेष बल देता है।
संघ के संस्थापक डॉक्टरजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद डॉक्टरजी ने अध्ययन और देशसेवा—दोनों में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया तथा देशसेवा के कार्यों को सशक्त बनाने वाली प्रभावी कार्यपद्धति विकसित की।
संघ की शताब्दी पूर्ण होने के अवसर पर ‘पंच परिवर्तन’—पाँच आचरणगत परिवर्तनों का संदेश लेकर स्वयंसेवक घर-घर जाएंगे। डॉ. भागवत ने कहा कि यदि केवल आचरण के माध्यम से ही देशहित में योगदान संभव हो, तो वही शताब्दी उत्सव की वास्तविक सार्थकता होगी।
Dr. Mohan Bhagwat,
RSS Chief,
Prabuddh Nagarik Sammelan,
Siliguri News,
RSS Centenary,
Social Harmony,
Nation Building,
Civic Responsibility,
Panch Parivartan,
Character Building,
Social Awakening,
Indian Society,
Volunteerism,
Rashtriya Swayamsevak Sangh,
North Bengal,
Thought Leadership,
#MohanBhagwat #RSS #PrabuddhNagarikSammelan #Siliguri #RSSCentenary #PanchParivartan #NationBuilding #SocialHarmony #CivicResponsibility #ThoughtLeadership #IndianSociety #NorthBengal #SocialAwakening
